संदेश

अप्रैल, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

बैसाखी वैशाखी का ही अपभ्रंश है। क्यों मनाया जाता है बैसाखी

चित्र
बैसाखी वैशाखी का ही अपभ्रंश है। क्यों मनाया जाता है बैसाखी   दूध और जल से प्रतीकात्मक स्नान करवाने के बाद गुरु ग्रन्थ साहिब को तख्त पर बैठाया जाता है। Date 13/04/2024 By Kamran Akmal   बैसाखी का अर्थ वैशाख माह का त्यौहार है। यह वैशाख सौर मास का प्रथम दिन होता है। बैसाखी वैशाखी का ही अपभ्रंश है। इस दिन पंजाब के साथ साथ कई स्टेट्स में भी होती है वहीं पंजाब का परमपरागत नृत्य भांगड़ा और गिद्दा किया जाता है। शाम में आग के आसपास सभी लोग इकट्ठे होकर लोग नई फसल की खुशियाँ मनाते हैं। वहीं पूरे देश में श्रद्धालु गुरुद्वारों में अरदास के लिए इकट्ठे होते हैं। मुख्य समारोह आनन्दपुर साहिब में होता है, जहाँ पन्थ की नींव रखी गई थी। सुबह 4 बजे गुरु ग्रन्थ साहिब को समारोहपूर्वक कक्ष से बाहर लाया जाता है। दूध और जल से प्रतीकात्मक स्नान करवाने के बाद गुरु ग्रन्थ साहिब को तख्त पर बैठाया जाता है। इसके बाद पंच प्यारे 'पंचबानी' गाते हैं। फिर दिन में अरदास के बाद गुरु को कड़ा प्रसाद का भोग लगाया जाता है। प्रसाद लेने के बाद सब लोग 'गुरु के लंगर' में शामिल होते हैं। श्रद्धालु इस दिन कारसेवा करते ...