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श्याम फाल्गुन लक्खी मेल विशेष: नीले रंग के विशेष फूलों से सजे बाबा, रंग रंगीले निशान और सतरंगी पोशाकों में श्याम भक्तों की टोलियां पहुंच रही खाटूश्याम जी

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 श्याम फाल्गुन लक्खी मेल विशेष: नीले रंग के विशेष फूलों से सजे बाबा, रंग रंगीले निशान और सतरंगी पोशाकों में श्याम भक्तों की टोलियां पहुंच रही खाटूश्याम जी Date 18/03/2024 By Kamran Akmal  सीकर। खाटूश्याम जी में लखदातार के जयकारों के साथ पदयात्रियों और श्रद्धालुओं की भीड़ दिनों दिन परवान चढ़ती जा रही है। दूर दूर से हाथ में निशान लिए भक्तों की कतारें श्याम धणी के दरबार की ओर लगातार बढ़ती चली जा रही है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी देश- विदेश से श्याम भक्त बड़ी संख्या में नीले के असवार को रिझाने अपने मन की मुराद पूरी करवाने के लिए श्याम की एक झलक पाने के लिए बेताब नजर आ रहे है।  रींगस से खाटू के रास्ते पर जहां तक नजर जाती है वहीं तक श्याम के रंग रंगीले निशान और सतरंगी पोशाकों में श्याम भक्तों की टोलियां नाचते गाते धूम मचाते नजर आ रही है। बाबा श्याम के भक्ति झांकियां सजाते हुए रींगस हाईवे से खाटू श्याम जी की ओर आगे बढ़ रहे हैं।  मेले में आने वाले श्याम भक्तों की सुविधा को देखते हुए श्री श्याम मंदिर कमेटी ने मंदिर को 24 घंटे खोल रखा है. कमेटी अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान ने बता...

36 मिनट में बने चित्र ने सबका ध्यान खींचा

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 36 मिनट में बने चित्र ने सबका ध्यान खींचा  Date 10/03/2024 By Kamran Akmal  राजस्थान,जयपुर। यदि मनुष्य अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है तो वो स्वाभाविक और सरल रहता है । ऐसे में जब बात कला की हो तो उसमें कलात्मक अभिव्यक्ति ही महत्त्वपूर्ण होती है । चित्रकार डॉ. रेणु शाही का कहाना है कि कवि, साहित्यकार चित्रकार आदि अनेक उपमाओं से अलंकृत गुरु रबीन्द्रनाथ टैगोर ने कला को "अभिव्यक्ति" कहा है । इसी कथन को सार्थक करती इनकी यह "काशी" नामक चित्रकृति है, जो केवल छत्तीस मिनट में बनाई गई है । काग़ज़ पर एक्रेलिक रंग से बना यह चित्र एक आधुनिक संयोजन है जो क्षणिक व स्वाभाविक कला के रूप को दिखाता है । इसे बहुत से कला ज्ञानियों द्वारा इसे स्वीकार करना भी आसाना नहीं था परंतु सबके अपने- अपने रस बोध एवं दृष्टीकोण होते है । इसलिए कुछ कला विद्वानों द्वारा उसे सराहना भी मिली और यह सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने में सफल रही ।  कलाकार का कहाना है कि वो अपणे भवों को ही चित्र मे प्रस्तुत करती है । उन्हें चित्र रचना करने के लिए कहीं से नकल करने या अधिक समय लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है । जो उनक...