जन वसुंधरा साहित्य फाउंडेशन के मंच पर कुमार अम्बुज का कविता पाठ

 जन वसुंधरा साहित्य फाउंडेशन के मंच पर कुमार अम्बुज का कविता पाठ




Date 27/10/2023 10: 50 PM 

By Kamran Akmal 

 जयपुर। जयपुर के साहित्य, कला और सिनेमा के चर्चित मंच जन वसुंधरा साहित्य फाउंडेशन पर 'कुमार अम्बुज' के नाम 2 शाम कार्यक्रम के पहले दिन कुमार अम्बुज ने अपनी लगभग 20 कविताओं का पाठ किया। वसुंधरा मंच के बैनर तले एकल कविता पाठ के लिए भोपाल से आए प्रसिद्ध कवि कुमार अंबुज ने साहित्य प्रेमी श्रोताओं की मौजूदगी में बहनों के दुःख के प्रति भाइयों के वात्सल्यहीन होते स्वभाव और माता-पिता के प्रति बेटों की विमुखता को मार्मिकता से रेखांकित किया ।

उन्होंने 'हंसते हुए आती हैं बहनें', 'दुःख का तारामंडल', 'कवि की अकड़', 'राजनीतिक प्रलाप', 'चंदेरी', 'क्रूरता', 'दैत्याकार संख्याएँ', 'शिल्प', 'पक्षाघात', 'सच्ची तस्वीर', 'संस्कार', 'यहाँ पानी चाँदनी की तरह चमकता है, और 'रोटी, कम्बल और पैरासीटामोल' कविताएं सुनाईं।

कुमार अंबुज ने दैत्याकार संख्याओं का एक रूपक लेते हुए कविता में दुःख और संताप को याद कर कहा अंधकार के आसमान में  दुख के तारे । ज्यादा अंधेरा हो तो ज्यादा चमकते हैं।

साहित्यकारा रेखा पांडे ने वर्तमान समय में कवि की कविताओं के जरूरी होने को रेखांकित किया।

 कार्यक्रम की अध्यक्षता बतौर अध्यक्ष वरिष्ठ कवि ऋतुराज जी ने की। 

वहीं वरिष्ठ लेखक जितेंद्र भाटिया ने कवि की उन कविताओं को पढ़कर सबका ध्यान आकर्षित किया जो आज भी सबसे अधिक पसंद की जाती है।

इस अवसर पर फाउंडेशन की सचिव चेतना शर्मा ने बताया कि 2 दिन के कुमार अम्बुज विशेष कार्यक्रम में पहले दिन कवि का काव्यपाठ और दूसरे दिन फ़िल्म प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा गया है।

 कार्यक्रम में वरिष्ठ लेखक जितेंद्र भाटिया जी, नन्द भारद्वाज जी, नीरज गोस्वामी जी, फारूक आफरीदी, विनोद भारद्वाज और शहर के कई नामी साहित्यकार व साहित्य विद्यार्थी मौजूद रहे।





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